Tuesday, October 22, 2019
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आर्मी चीफ बिपिन रावत बोले, अनुच्छेद 370 हटने से बौखलाहट में पाकिस्तान, जम्मू-कश्मीर में भड़का सकता है हिंसा

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्वलंत मुद्दा बनाने के लिए पाकिस्तान राज्य में नए सिरे से हिंसा का दौर शुरू कर सकता है। उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान की तरफ से कश्मीर पर लगातार झूठ और प्रोपगैंडा फैलाया जा रहा है। इससे जाहिर है कि घाटी में हिंसा भड़काने के लिए वह स्थितियां खराब कर सकता है।’ सेना प्रमुख ने कहा कि इस हिंसा इस्तेमाल वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान इस ओर खींचने के लिए करेगा। वह दुनिया को यह बताने की कोशिश करेगा कि जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के खिलाफ लोग प्रदर्शन कर रहे हैं।

बता दें कि केंद्र सरकार ने गत पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को खत्म कर दिया और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया। भारत सरकार के इस फैसले के बाद पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और वह संयुक्त राष्ट्र सहित अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इसे उठाने की असफल कोशिश कर रहा है। हालांकि, उसके सभी कूटनीतिक प्रयास अब तक विफल हो गए हैं। कश्मीर पर उसके रुख का चीन को छोड़ किसी ने समर्थन नहीं किया है। कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र में मुंह की खानी के बाद पाकिस्तान ने अब इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में उठाने का फैसला किया है। 

वहीं, जम्मू-कश्मीर में स्थितियां धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं और जनजीवन पटरी पर लौटने लगा है। स्थितियों को देखते हुए सरकार प्रतिबंधों में ढील दे रही है। कश्मीर और जम्मू के कई भागों में लैंडलाइन संचार व्यवस्था शुरू कर दी गई है। पांच अगस्त के बाद पाकिस्तान ने झूठ की अपनी पूरी मशीनरी सक्रिय कर दी। उसकी तरफ से कश्मीर को लेकर सोशल मीडिया पर झूठे वीडियो और जानकारियां पोस्ट की गईं। हालांकि, भारतीय सुरक्षा एजेंसियों एवं सेना ने उसकी झूठ की पोल खोल दी। 

एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक रावत ने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद राज्य को होने वाले लाभों के बारे में लोगों को बताया जाना चाहिए। इसके अलावा सोशल मीडिया पर कश्मीर पर फैलाए जाने वाले झूठ को फैलने से रोकने के लिए प्रतिबंध भी लगना चाहिए। इस बारे में हमारी कार्रवाई नपी-तुली होनी चाहिए।’ उन्होने कहा, ‘सेना का मानना है कि जम्मू-कश्मीर में जनहानि रोकना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। जम्मू-कश्मीर एवं घाटी में स्थितियों से निपटने में हमारी यह पूरी कोशिश रहनी चाहिए कि किसी निर्दोष व्यक्ति को अपनी जान की कीमत न चुकानी पड़े।’