Tuesday, March 31, 2020
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छठ पूजा का प्रसाद सिर्फ चूल्हे पर ही क्यों बनाया जाता है? वजह जान हो जायेंगे हैरान

इस वजह से नए चूलहे पर बनता है प्रसाद
बता दें कि ये पर्व पूरे चार दिनों का होता है। इसमें सूर्व भगवान की पूजा की जाती है। वहीं जिस दिन प्रसाद बनता है उस दिन को खरना कहते हैं। इस दिन की खासियत ये है कि प्रसाद बनाने के लिए मिट्टी के चूल्हे का या फिर नए चूल्हे का उपयोग किया जाता है।

 

जी हां, खरना का प्रसाद बनाने के लिए चावल, दूध और गुड़ का उपयोग किया जाता है। चावल और दूध चंद्रमा का प्रतीक है तो गुड़ सूर्य का प्रतीक है।

 

इसके साथ ही आज हम आपको इसके पीछे की कहानी बताएंगे कि आखिर क्यों छठ का प्रसाद मिट्टी के चूलहे पर या फिर नए चूलहे पर बनता है। क्योंकि छठ में हम कोई भी ऐसा बर्तन इस्तेमाल नहीं करते हैं जिसमें पहले खाना बन चुका हो।

 

ऐसा इसलिए क्योंकि उस बर्तन में नमक का भी इस्तेमाल हुआ होता और छठ का प्रसाद व्रत वाले लोग भी खाते हैं। इस वजह से नए चूलहे का इस्तेमाल किया जाता है।

यहां पढ़ें व्रत की मुख्य तिथियां
31 अक्तूबर :     नहाय-खाय
1 नवम्बर :     खरना
2 नवम्बर :     डूबते सूर्य को अर्घ्य
3 नवम्बर :     उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही छठ पूजा की समाप्ति।