Wednesday, July 8, 2020
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तनाव के बीच मास्को जाएंगे राजनाथ सिंह , चीनी नेताओं से नहीं करेंगे मुलाकात

 लद्दाख में LAC पर चीन से तनाव के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रूस की यात्रा पर जा रहे हैं, लेकिन वह अपनी इस मॉस्को यात्रा के दौरान शीर्ष चीनी नेताओं से मुलाकात नहीं करेंगे. राजनाथ सिंह 22 जून को रूस रवाना होंगे. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह नाजी जर्मनी पर विजय हासिल करने की 75वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रूस जा रहे हैं. भारतीय रक्षाकर्मी भी इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे.

बहरहाल, राजनाथ सिंह मॉस्को में शीर्ष रूसी नेताओं और अन्य देशों के नेताओं से मिलेंगे, लेकिन लद्दाख तनाव के चलते वह चीन के नेताओं से मुलाकात नहीं करेंगे. राजनाथ सिंह के साथ रक्षा सचिव अजय कुमार और प्रत्येक सशस्त्र बल के एक शीर्ष अधिकारी होंगे. अंतरराष्ट्रीय मंच पर चीनी नेताओं से मुलाकात न करके भारत चीन को घेरने की कोशिश कर रहा है.

बता दें कि 15 जून की रात को भारतीय सेना का एक दल लद्दाख में गलवान घाटी के पेट्रोलिंग प्वाइंट-14 पर चीनी सेना से बात करने गया था. इस दौरान घात लगाकर बैठे चीनी सैनिकों ने भारतीय सेना के दल पर हमला कर दिया. इस हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद गए, जबकि चीन को भी भारी नुकसान हुआ था. तब से दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है.

लद्दाख में चीन के साथ तनाव को लेकर रक्षा मंत्री चीनी नेताओं से ऐसे समय मुलाकात नहीं करने का फैसला किया है जब इस मुद्दे पर अमेरिका ने भारत के साथ एकजुटता जाहिर की है. अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने गलवान घाटी में भारतीय जवानों की शहादत पर श्रद्धांजलि व्यक्त की है.

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने शुक्रवार सुबह ट्वीट कर शहीदों को नमन किया. माइक पोम्पियो ने लिखा, ‘..चीन के साथ हुए विवाद में भारत के जिन जवानों की जान गई है, उन्हें हम श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. इस दुख की घड़ी में हम उन जवानों, उनके परिवार, उनके चाहने वालों और भारत के लोगों के साथ हैं.’

इस बीच, भारत और चीन के बीच लद्दाख में जारी विवाद और उसके बाद हिंसक झड़प में शहीद हुए भारत के 20 जवानों को लेकर देश में तनाव बरकरार है. इस संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सर्वदलीय बैठक बुलाई है. इस बैठक में करीब 17 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. इसमें मौजूदा हालात पर चर्चा होगी.