Sunday, September 20, 2020
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स्वास्थ्यकर्मियों की बीमा योजना की अवधि छह माह के लिए बढ़ी

कोरोना वायरस कोविड-19 के खिलाफ अग्रिम मोर्चे पर मुस्तैदी से डटे डॉक्टर तथा नर्स सहित सभी स्वास्थ्यकर्मियों के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज बीमा योजना की अवधि को दोबारा छह माह यानी 180 दिन की अवधि के लिए बढ़ा दिया गया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी कि 50 लाख रुपये की इस बीमा योजना को 30 मार्च को 90 दिन के लिए लागू किया गया था। इसकी अवधि बाद में 90 दिन और बढ़ाकर 25 सितंबर तक की गयी थी लेकिन आज फिर अवधि में छह माह की बढ़ोतरी कर दी गयी है।

इस बीमा पैकेज का लाभ उन स्वास्थ्यकर्मियों को मिलता है , जो कोरोना संक्रमित के उपचार से सीधे जुड़े हैं,भले ही वे डॉक्टर हों, नर्स हों, सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता हों या किसी केंद्रीय, राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश के अस्पतालों में कोरोना संक्रमण के काल में काम पर रखे गये निजी अस्पताल के कर्मचारी हों, सेवानिवृत्त स्वास्थ्यकर्मी हों, वालंटियर हों, स्थानीय निकाय से जुड़े हों, अनुबंधित कर्मचारी हों, दिहाड़ी कर्मचारी हों, एड हॉक पर हों या किसी अन्य माध्यम से काम पर रखे गये हों।

इस बीमा योजना का लाभ हर आयुवर्ग के स्वास्थ्यकर्मियाें के लिए है और उन्हें इसके लिए पंजीकरण करने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। इस बीमा योजना की प्रीमियम राशि का पूरा भुगतान केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार मंत्रालय द्वारा किया जाता है। इस योजना को न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड लागू कर रही है, जो योजना के लिए बनाये गये दिशानिर्देंशों के आधार पर बीमित राशि का आवंटन करती है।

इस बीमा योजना के तहत अब तक कुल 281 दावे किये गये जिनमें से 61 दावों का निपटान करके बीमा राशि आवंटित कर दी गयी और 156 दावों की जांच की जा रही है। मंत्रालय ने बताया कि 65 दावे बीमा योजना के योग्य नहीं माने गये जबकि 67 दावों के लिए राज्यों के क्लेम फार्म की प्रतीक्षा की जा रही है।

बीमा योजना के तहत सबसे अधिक 49 दावे महाराष्ट्र से किये गये जिनमें से 16 को अयोग्य माना गया जबकि 14 का भुगतान किया गया है। ओडिशा से प्राप्त 42 दावों में अब तक एक भी दावे का निपटान नहीं हुआ है और सभी दावों की जांच की जा रही है। गुजरात से 28 दावे किये गये जिनमें से नौ का निपटान हुआ है और छह खारिज किये गये। आंध्रप्रदेश से कुल 20 दावों में से चार और तमिलनाडु में 20 में से पांच दावे का निपटान हो गया है। अंडमान निकोबार द्वीप समहू, हरियाणा और पुड्डुचेरी से एक भी दावा नहीं आया है। इस बीमा योजना के आंकड़ों के मुताबिक 11 सितंबर तक 155 स्वास्थ्यकर्मियों की कोरोना संक्रमण के कारण मौत हुई है जिनमें से 64 डॉक्टर, 32 एएनएम और एमपीएचडब्ल्यू (मल्टीपर्पस हेल्थवर्कर), 14 आशा कार्यकर्ता तथा 45 अन्य स्वास्थ्यककर्मी हैं।