Sunday, December 15, 2019
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47वें मुख्य न्यायाधीश बने जस्टिस एस ए बोबड़े, राष्ट्रपति ने दिलाई शपथ

जस्टिस एस ए बोबड़े भारत ने 47वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ले ली है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें मुख्य न्यायाधीश की शपथ दिलाई। एस ए बोबड़े का कार्यकाल 23 नवंबर 2021 को समाप्त होगा।  वो चीफ जस्टिस रहे रंजन गोगोई के बाद सबसे सीनियर जज थे। रंजन गोगोई ने जस्टिस बोबड़े को मुख्य न्यायाधीश बनाने के लिए उनके नाम की सिफारिश की थी जिसपर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वारंट जारी किया था। जस्टिस बोबड़े उस संवैधानिक पीठ के हिस्सा थे जिसने 9 नवंबर को अयोध्या टाइटल सूट केस में ऐतिहासिक फैसला सुनाया था।

सीजेाआई ने शपथ लेने से पहले कहा था कि भारतीय न्यायपालिका ने अपने उच्च मानदंडों  को स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के दो महत्वपूर्ण स्तंभों कार्यपालिका और न्यायपालिका में वो किसी तरह का टकराव नहीं देखते हैं। न्यायपालिका को पारदर्शी रखने के लिए सीजेआई दफ्तर को अब सूचना के अधिकार के दायरे में लाया गया है, यह अपने आप में महत्वपूर्ण कदम था।

एस एस बोबड़े का नागपुर में 24 अप्रैल 1956 को जन्म हुआ था। नागपुर विश्वविद्यालय से उन्होंने ग्रेजुएशन और एलएलबी की डिग्री हासिल की थी। नागपुर बेंच से उन्होंने अपने प्रैक्टिस की शुरुआत की।वर्ष 2000 में बोबड़े मे एडिश्नल जज का पदभार संभाला और बाद में वो मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने।जस्टिस बोबड़े द्वारा फैसलों की फेहरिश्त देखें तो उनमें आधार कार्ड, दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध अहम है।