Wednesday, October 24, 2018
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उत्तराखंड के टिहरी झील में पहली बार हुई कैबिनेट की बैठक, 12 अहम प्रस्तावों पर लगी मोहर

उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सरकार की ऐतिहासिक कैबिनेट बैठक में 12 अहम प्रस्तावों पर मोहर लगाई गई। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि टिहरी झील के फ्लोटिंग मरीना में हुई ऐतिहासिक कैबिनेट में कई अहम फैसले लिए गए हैं। जिसमें पर्यटन को उद्योग का दर्जा और वीर चंद्र सिंह गढ़वाल स्वरोजगार योजना आने वाले समय में टिहरी देश और दुनिया के बेहतरीन पर्यटक स्थलों में शामिल होगा।

बुधवार को कोटी कॉलोनी टिहरी झील में उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट बैठक फ्लोटिंग मरीना में आयोजित की गई। कैबिनेट के बाद पत्रकारों को संबोधित करते शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि कैबिनेट में 13 प्रस्ताव शामिल किए गए। लेकिन एक प्रस्ताव को स्थगित किया गया है। जिसके बाद 12 प्रस्ताव पास किए गए हैं।  इसमें सबसे अहम 13 डिस्ट्रिक 13 डेस्टीनेशन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। अब हर जिले में कुछ स्थानों को पर्यटन स्थल के रुप में विकसित किया जाएगा। यहां पर पर्यटकों को सभी तरह की सुविधा दी जाएगी।

दूसरे प्रस्ताव में पंडित दीन दयाल सामाजिक सहायता सुरक्षा कोष में निराश्रित महिलाओं को एक लाख रुपये लोन की सुविधा दी जाएगी। इसमें एक लाख रुपये तक का लोन एक प्रतिशत ब्याज की दर पर दिया जाएगा। इस योजना के तहत पहली बार किन्नरों को भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा। तीसरे प्रस्ताव के तहत एससी एसटी आरक्षण में 1.5 को अब डबल माना जाएगा। चौथे प्रस्ताव के तहत सेवा नियमावली में संशोधन किया गया है। उत्तराखंड राज्यधीन सेवाओं के अंतर्गत वैयक्तिक सहायक के संवर्गीय पदों की पदोन्नति की गई है और अधीनस्थ कार्यालय वैयक्तिक सहायक सीधी भर्ती की नियमावली स्वीकृत की गई है।

वहीं पांचवे प्रस्ताव में जोशीमठ का क्षेत्र होने के कारण भी घोषणा नहीं की गई। क्योंकि वहां पर आचार संहिता के कारण कोर्इ घोषणा नहीं की जा सकती है। छठे प्रस्ताव के तहत सूक्ष्म लघु मध्यम उद्योग नीति को संशोधित किया गया है। इसमें अब पर्यटन को भी शामिल कर उद्योग का दर्जा दिया गया है। इस प्रस्ताव के तहत पर्यटन के तहत होनी वाली गतिविधियों के संचालन के लिए उद्योग वाली सुविधाएं दी जाएंगी।

सातवें प्रस्ताव के रुप में भारतीय चिकित्सा परिषद में सात पदों के बजाए 15 पदों की अनुमति प्रदान कर दी गई है। आठवें प्रस्ताव के तहत मंडी परिषद में मेंथा प्रजाति के कुछ पदार्थो पर लिया जाने वाला मंडी टैक्स समाप्त कर दिया है।  नौवें प्रस्ताव के तहत वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना का दायरा बढ़ा दिया गया है। पहले इस योजना में आठ बिंदू शामिल थे लेकिन अब इसमें 11 नए बिंदू शामिल किए गए हैं। दसवें प्रस्ताव के रुप में मेगा इंडस्ट्री इन्वेसमेंट नीति में संशोधन किया गया है। अब इस नीति के तहत नए क्षेत्र शामिल किए गए हैं। जिसमें स्वरोजगार करने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी। पर्यटन गतिविधियों को भी इसमें शामिल किया गया है।

 ग्यारहवें प्रस्ताव के तहत रुद्रप्रयाग के जगदगुरु माधवाश्रम धमार्थ चिकित्सालय को राजकीय संचालन में लेने के प्रस्ताव पर मोहर लगाई गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि टिहरी झील में कैबिनेट एक ऐतिहासिक पल है और यहां से पूरे दुनिया टिहरी को देखेगी। कैबिनेट से पहले मुख्यमंत्री ने टिहरी झील में बोटिंग कर झील महोत्सव की तैयारियों का जायजा लिया। सीएम रावत ने कहा कि टिहरी झील में कैबिनेट करने का उद्देश्य टिहरी झील को दुनिया में पहचान दिलाना है। आने वाले समय में टिहरी देश और दुनिया का प्रमुख पर्यटन स्थल बनेगा।

कैबिनेट में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय, समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य, वित्त एवं पेयजल मंत्री प्रकाश पंत, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, वन मंत्री हरक सिंह रावत, राज्य मंत्री रेखा आर्य शामिल रहे। कैबिनेट में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री धन सिंह रावत शामिल नहीं हुए।