Saturday, October 20, 2018
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सीएम त्रिवेंद्र रावत ने की बजट की प्रशंसा, कहा – सबके लिए कल्याणकारी

मोदी सरकार के आम बजट पर उत्तराखंड में मिलीजुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। प्रदेश के वित्त मंत्री प्रकाश पंत और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट ने इसे उत्तराखंड के संदर्भ में प्रगतिशील बजट बताया है। वहीं, विपक्ष ने इसे पुराने ढर्रे वाला बजट ही करार दिया है।

केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राज्य के वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि आज संसद में प्रस्तुत आम बजट उत्तराखंड के व्यापक हित में है। इससे यहां 145 औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहन मिलेगा। नए विज्ञान केंद्र खोलने की योजना काफी आकर्षक है।

मेडिकल में भी पीजी क्लासेज खोलने की ओर ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में जो कदम उठाए गए हैं, खासकर फल-फूल और बागवानी अनुसंधान के लिए, उससे बागवानी आधारित इंडस्ट्री सेक्टर को लाभ होगा। बजट से उत्तराखंड में भी रोजगार के लिए माहौल बनेगा।

उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट ने केंद्रीय बजट को सर्वग्राह्य बजट बताते हुए कहा कि इसमें गरीबों और छोटे किसानों का ध्यान रखा गया है। इससे सीमांत कृषि को प्रोत्साहन मिलेगा। गरीबों को मुफ्त डायलिसिस की सुविधा, 2500 सीमांत कृषि बाजार, तीन दिन में पासपोर्ट बनाए जाने जैसी तमाम घोषणाओं का सीधा लाभ उत्तराखंड को भी मिलेगा। भट्ट ने कहा कि ऑपरेशन ग्रीन फूड योजना उत्तराखंड की परंपरागत खेती को काफी सपोर्ट करेगी।

दूसरी ओर, विपक्ष ने बजट की आलोचना की है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि अगर उत्तराखंड के लिहाज से देखें, तो इस बजट में उत्तराखंड के लिए कुछ नहीं है। जबकि पूर्वोत्तर राज्य और जम्मू-कश्मीर के लिए कुछ बातें हैं। उत्तराखंड की सड़क, बुनियादी संरचना के कुछ भी नहीं कहा गया। यहां ग्रीन बोनस की बात लगातार कही जा रही थी, लेकिन इस तरफ देखने की जरूरत नहीं समझी गई।

इंडस्ट्री प्रोत्साहन के लिए इस तरफ संवेदना से देखा जाना चाहिए था। हमारे उद्योगों को एक्साइज ड्यूटी वर्ष 2025 तक बढ़ा रहे हैं। हम यहां जीएसटी का नुकसान उठा रहे हैं, उसकी भरपाई होनी चाहिए थी। हम यहां जो टैक्स दे रहे हैं, उसका हमें लाभ मिलना चाहिए था। वेतनभोगियों के लिए भी दिक्कत है। उत्तराखंड के परिवारों को भी झेलना पड़ेगा।

प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने इसे जुमलों का बजट करार दिया है। सरकार ने बजट में किसानों को ऋण देने की बात तो की है, लेकिन उनकी कर्ज माफी के मुद्दे पर वह मौन है। अकेले उत्तराखंड में ही 10 लाख में से करीब 7 लाख किसान कर्ज में डूबे हैं। धस्माना ने कहा कि बजट में उत्तराखंड केंद्रित कोई बात नहीं कही गई है। जिस ऑल वेदर रोड की बात की गई है, वह उत्तराखंड के विकास के लिए नहीं, सामरिक सुरक्षा के कारण बन रही है।

पार्टी के ही उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट का कहना है कि नीति आयोग के तहत राज्य को मिलने वाली मदद में कटौती की गई है। नमामि गंगे का बजट 4 हजार करोड़ होता, तो उत्तराखंड को लाभ मिलता, मगर इसे महज 180 करोड़ में सिमटा दिया गया है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उत्तराखंड में लोग पहले से हताश थे।

इस बजट ने उन्हें और भी हताश कर दिया है। इस बजट में कोई भी बिंदु ऐसा नहीं है, जो हमें आश्वस्त कर सके कि राज्य में पैसा आएगा। राज्य की दयनीय हालत यह है कि कर्मचारियों का वेतन देने के लिए पैसा नहीं है। इस राज्य की स्थिति को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार को बहुत संवेदनशील होना चाहिए था। लेकिन बजट का कोई भी प्रावधान उत्तराखंड के पंख नहीं लगाता।

यह भाजपा की केंद्र सरकार का आखिरी बजट था, अब तक कोई भी वायदे पूरे नहीं कर पाई है। लगता था, केंद्रीय वित्त मंत्री की अटैची से कुछ निकलेगा, लेकिन उत्तराखंड हताश हुआ। बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी चरण सिंह का कहना है कि कांग्रेस और भाजपा के बजट में कोई अंतर नहीं होता। उत्तराखंड को ग्रीन बोनस मिलना चाहिए था। राज्य के विकास को प्रोत्सहित करने वाली कोई बात इसमें नहीं है।