Monday, April 23, 2018
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शमी के खिलाफ भ्रष्टाचार मामले की जांच करने की उठी मांग

भारतीय क्रिकेट बोर्ड( बीसीसीआई) के प्रशासकों की समिति( सीओए)  ने बोर्ड की भ्रष्टाचार रोधी इकाई( एसीयू)   के प्रमुख नीरज कुमार को तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी परउनकी  पत्नी हसीन जहां के लगाये भ्रष्टाचार के आरोपों कीजांच करने के निर्देश दिये। हसीन ने शमी के खिलाफ कथित व्यभिचार और घरेलू हिंसा  का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत की है। राय ने आज कुमार को शमी पर लगे भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों की जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। इस पत्र में गौर करने वाली बात यह है कि इसमें कही भी‘  मैच फिंिक्सग’  शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया है। शमी पर लगें विभिन्न आरोपों के कारण बीसीसीआई ने उनका केन्द्रीय अनुबंध रोक दिया।

इस पत्र की एक प्रति पीटीआई के पास भी जिसमें राय ने लिखा है, ‘‘  यह पत्र मोहम्मद शमी के खिलाफ आरोपों से संबंधित विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के संदर्भ में हैं। प्रशासकों की समिति ने उस टेलीफोन बातचीत की रिकॉर्डिंग को सुना है जिसका दावा किया जा रहा कि वह शमी और उनकी पत्नी के बीच बातचीत की है। यह आॅडियों रिकार्डिंग पब्लिक डोमेन में मौजूद हैं।’’हसीन ने आरोप लगया था, ‘‘ शमी ने इंग्लैंड के व्यापारी मोहम्मद भाई के कहने पर पाकिस्तानी महिला अलिशबा से पैसे लिये है।’’इस में कहा गया, ‘‘  प्रशासकों की समिति इस आॅडियो रिकार्डिंग से ंिचतित है जिसमें दावे के मुताबिक शमी को‘‘ मोहम्मद भाई’’  का नाम लेते हुए सुना गया है,  जिसने पाकिस्तानी महिला अलीश्बा के माध्यम से शमी को पैसा भेजा।’’

राय ने कहा, ‘‘   बीसीसीआई की भ्रष्टाचार रोधी संहिता के तहत कृपया इन आरोपों की जांच कर सीओए के पास अपने अपने निष्कर्षों के साथ सौपे कि क्या इस आधार पर जांच को आगे बढ़ने की जरूरत हैं।’’राय ने कहा, ‘‘  मामले की जांच इन पहलुओं पर करना चाहिए(1) ‘  मोहम्मद भाई’  और‘ अलीश्बा’  की पहचान तथा पिछला इतिहास, (2)  क्या मोहम्मद भाई द्वारा शमी को अलीश्बा के जरीए कोई रकम भेजी गयी।(3)   अगर पैसा भेजा गया तो इस पैसे का मकसद क्या था? ’’राय ने कहा कि मामले की जांच सिर्फ भ्रष्ट्राचार के आरोपों से जुड़ी होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘  सीओए चाहती है कि मामले की जांच सिर्फ ऊपर जिक्र किये गये मामले तक ही सीमित रहे और शमी पर लगे दूसरे आरोपों को तब तक इसके दायरे में नहीं लाया जाये जब तक आपको ऐसा नहीं लगता की वह बीसीसीआई के भ्रष्टाचार विरोधी संहिता के तहत आता हो।’’

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