Friday, October 19, 2018
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उत्‍तराखंड में शुरू हुआ ई-वे बिल सेवा ,पढ़िए इससे जुड़ी हर जानकारी

20 अप्रैल यानी शुक्रवार की मध्य रात्रि 12 बजे से प्रदेश के भीतर माल के परिवहन पर भी ई-वे बिल की व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब प्रदेश के भीतर 50 हजार रुपये से अधिक के कर योग्य माल के परिवहन पर ई-वे बिल बनाना अनिवार्य होगा। हालांकि, इससे पहले अंतरराज्यीय माल के परिवहन के लिए ई-वे बिल एक अप्रैल से लागू किया जा चुका है।

आयुक्त राज्य कर कार्यालय की उपायुक्त प्रीति मनराल के मुताबिक प्रदेश के भीतर ई-वे बिल की यह व्यवस्था दूसरे फेज के राज्यों की है और इसमें उत्तराखंड समेत हिमाचल प्रदेश, बिहार, हरियाणा, झारखंड व त्रिपुरा शामिल हैं। जबकि इसके बाद 25 अप्रैल से पांच और राज्यों व 30 अप्रैल से शेष राज्यों में भी इसे लागू किया जाएगा। जबकि पहले फेज में कुछ राज्यों में यह व्यवस्था 15 अप्रैल से लागू की जा चुकी है। उपायुक्त प्रीति मनराल ने बताया कि ई-वे बिल बनाने के लिए www.ewaybillgst.gov वेबसाइट का प्रयोग किया जाना है। यदि ई-वे बिल बनाने में किसी भी तरह की समस्या पेश आती है तो इसके लिए 24 घंटे काम करने वाली हेल्पडेस्क भी बनाई गई है।

 है ई वे बिल
1 जुलाई 2017 से जीएसटी लागू होने के बाद 50 हजार रुपये या इससे ज्यादा के सामान को एक राज्य से दूसरे राज्य में ले जाने या राज्य के अंदर ही 10 किमी या इससे ज्यादा दूर ले जाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक परमिट की जरूरत होगी. इस इलेक्ट्रॉनिक बिल को ही ई-वे बिल कहा जाता है.

यहां शुरू हुई सेवा
ई-वे बिल सेवा को चार राज्यों कर्नाटक, राजस्थान, उत्तराखंड और केरल में शुरू किया जा चुका है. इन राज्यों में हर दिन करीब 1.4 लाख ई-वे बिल प्रोड्यूस किए जा रहे हैं. ई-वे बिल प्राप्त करने के लिए ट्रांसपोर्टरों को (https://ewaybill2.nic.in) पर जाना होगा. यहां जीएसटीइन देकर रजिस्ट्रेशन करना होगा. जिनका जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है वे ई-वे बिल के लिए पैन या आधार देकर अपनाा नामांकन करा सकते हैं.

ऐसे बनेगा ई-वे बिल
ई-वे बिल जेनरेट करने के लिए कारोबारी को किसी भी टैक्स ऑफिस या चेक पोस्ट पर जाने की जरूरत नहीं होगी. ई-वे बिल वेबसाइट से या ऑफलाइन भी एसएमएस के जरिए जेनरेट किया जा सकता है. ऑफलाइन ई-वे बिल जेनरेट करने के लिए कारोबारियों को अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर करना होगा. इसी नबंर से एसएसएस के माध्यम से ई-वे बिल को रिक्वेस्ट डिटेल देकर जेनरेट किया जा सकता है.