Friday, October 19, 2018
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राज्य के आर्थिक संसाधनों की समीक्षा करेगा वित्त आयोग, CM ने लिया तैयारियों का जायज़ा

15वें वित्त आयोग इस साल प्रदेश के वित्तीए आय-व्यय के साथ ही आर्थिक संसाधनों की समीक्षा करेगा. इसके लिए आयोग के अध्यक्ष और सदस्य अक्टूबर में राज्य का दौरा करेंगे. 15वें वित्त आयोग को इस महीने राज्य के आर्थिक संसाधनों एवं वित्तीए आय-व्यय आदि कॊ विस्तृत विवरण तैयार कर प्रेषित किया जाना है. इस संबंध में सोमवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वित्त मंत्री प्रकाश पंत और वित्त सलाहकार इंदु कुमार पाण्डे के साथ ही संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की.

मुख्यमंत्री ने कहा कि 15वें वित्त आयोग को प्रस्तुत किए जाने वाले विवरण में, 14वें वित्त आयोग में हुए बेसिक परिवर्तन के कारण राज्य को हो रही कठिनाइयों का विस्तृत उल्लेख किया जाए. इस विवरण में अब तक राज्य को हुई आर्थिक हानि का आकलन कर इसकी भरपाई के लिए भी ठोस प्रस्ताव तैयार किया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि वनावरण के साथ ही पर्वतों और ग्लेशियरों को भी इससे जोड़ने की बात इसमें शामिल की जानी चाहिए. इससे ग्रीन बोनस का हमारा पक्ष भी मजबूत हो सकेगा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह भी देखना होगा कि हमारी हिस्सेदारी केन्द्रीय करों में किस प्रकार और अधिक बढ़ सकें. उन्होंने कहा कि हमारी प्राकृतिक भौगोलिक परिस्थिति, भागीरथी ईको सेंसटिव जोन, सेन्चुरीज आदि के कारण अनेक जल विद्युत परियोजनाएं रुकी हैं. इससे हमारा ऊर्जा प्रदेश का सपना अधूरा रहने के साथ ही राज्य की आर्थिकी को भी नुकसान हो रहा है.

मुख्यमंत्री  ने कहा कि राज्य की फ्लोटिंग पॉपुलेशन, आपदा प्रभावित क्षेत्र आदि के कारण राज्य को हो रहे आर्थिक नुकसान की भरपाई का भी इसमें उल्लेख किया जाना भी उपयुक्त होगा. प्रदेश की विपरीत भौगोलिक परिस्थिति के कारण अन्य राज्यों की अपेक्षा अपनी आए व्यय के अन्तर की भरपाई के लिए इसमें राज्य का पक्ष मजबूती से रखने का प्रयास किया जाए. उन्होंने कहा कि इस संबंध में हिमाचल प्रदेश को मिल रही सुविधाओं और उनके द्वारा दिए जाने वाले तथ्यों आदि का भी अध्ययन किया जाए. मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि 15वें वित्त आयोग के सभी मानकों का बिन्दुवार अध्यएन कर सभी तथ्यों का इसमें समावेश करते हुए रिपोर्ट तैयार की जाए.

इस संबंध में सलाहकार वित्त इंदु कुमार पाण्डे ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मुख्यमंत्री को बताया कि 15वें वित्त आयोग को प्रेषित की जाने वाली रिपोर्ट में सभी तथ्यों का समावेश किया जाएगा. आयोग से प्रदेश के संसाधनों की कमी के दृष्टिगत रेवन्यू डेफ़िसिट ग्रांट उपलब्ध कराने के साथ ही राज्य का बड़ा भू-भाग वनावरण माउण्टेन ग्लेश्यिरों व सेन्चुरीज आदि के अधीन होने के कारण ग्रीन बोनस की मांग प्रमुख रूप से रखी जाएगी.

बैठक में वित्त मंत्री प्रकाश पंत, प्रमुख सचिव मनीषा पंवार, सचिव अमित नेगी, अरविन्द सिंह ह्यांकी,  सौजन्या, डॉक्टर रंजीत कुमार सिन्हा, अपर सचिव एलएन पंत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.