Friday, October 20, 2017
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न्यू इंडिया’ में आम आदमी के सुझावों पर चलेगी सरकार

इंडियन न्यूज़ नेटवर्क : न्यू इंडिया में नीतियां और योजनाएं बनाने का काम सिर्फ सरकार के हाथ में नहीं होगी, बल्कि इसमें आम जनता की भी हिस्सेदारी होगी। यानी आम आदमी अब सरकार को बताएगा कि उसे क्या करना चाहिए। लेकिन किसी भी सुझाव पर अमल के पहले सरकार यह भी देखेगी कि उसे जनता का कितना समर्थन हासिल है। अधिक संख्या में समर्थन पाने वाले सुझाव का मतलब होगा कि सरकार को उस पर तत्काल अमल करना चाहिए। अभियान से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ‘न्यू इंडिया’ में सरकार के कामकाज में जनता की सीधी भागीदारी सुनिश्चित की गई है। आम जनता की ओर से आए सुझावों को अधिकारी बिना वजह के रद्दी की टोकरी में नहीं डाल सकेंगे। बल्कि उन्हें सुझाव देने वाले व्यक्ति को बताना होगा कि उसपर अमल किया जा रहा है या नहीं। यदि उसपर अमल नहीं किया जा रहा है, तो इसके पीछे क्या कारण हैं। इसके लिए ‘न्यू इंडिया डॉट इन’ वेबसाइट पर आम जनता को सुझाव देने की विशेष व्यवस्था की गई है। इस वेबसाइट पर आकर कोई भी आदमी सरकार को किसी भी तरह का काम करने के लिए सुझाव दे सकता है। लेकिन शर्त सिर्फ इतनी है कि सरकार उसके सुझाव पर तब विचार करेगी, जब उसे कम-से-कम पांच हजार लोग समर्थन करेंगे। यह शर्त सिर्फ उस सुझाव के लिए आम जनता का समर्थन देखने के लिए किया गया है। सुझाव पर समर्थन हासिल करने की कोई समय सीमा नहीं है, जब भी पांच हजार लोग उसका समर्थन कर देंगे, सरकार उस पर अमल करने के लिए बाध्य हो जाएगी और उसे संबंधित विभाग के पास क्रियान्वयन के लिए भेज दिया जाएगा।

लालकिले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2022 तक ‘न्यू इंडिया’ के ऐलान के साथ ही इसके लिए विशेष वेबसाइट लांच की गई है। एक महीने से कम समय में इस वेबसाइट पर दो हजार से अधिक सुझाव आ चुके हैं। इन सुझावों में बच्चे के जन्म के एक महीने के भीतर आंख की जांच सुनिश्चित किये जाने से लेकर देश में पोस्टरों पर पूरी तरह रोक लगाने के कानून बनाने तक जैसे सुझाव हैं। कोई देश में दुनिया का सबसे बेहतरीन मेडिकल शिक्षा का ढांचा खड़ा करने के लिए सुझाव दे रहा है, तो कोई भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने पर। एक सुझाव शहरों में झुग्गी-झोपड़ी इलाकों के विकास को लेकर भी है। लेकिन अभी तक किसी भी सुझाव को पांच हजार लोगों का समर्थन हासिल नहीं हो सका है। जन्म के एक महीने के भीतर बच्चे की आंख की जांच सुनिश्चित करने के सुझाव का सबसे अधिक 216 लोगों ने समर्थन किया है।

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