Friday, June 22, 2018
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रक्षा क्षेत्र में भारत-सिंगापुर बढ़ाएंगे सहयोग, शुरू करेंगे नौसैनिक अभ्यास : PM मोदी

सिंगापुर के पीएम ली सेन से वार्ता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (1 जून) को दोनों देशों के रिश्तों को लेकर मीडिया से बात की. उन्होंने कहा कि भारत और सिंगापुर के रिश्तों में गर्मजोशी और विश्वास है. उन्होंने इस दोस्ती के लिए पीएम ली सेन का धन्यवाद भी दिया. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली एच. लूंग के साथ मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिंगापुर की तीन दिवसीय यात्रा पर बीते 31 मई को यहां पहुंचे है. इस दौरान उन्होंने सिंगापुर की राष्ट्रपति हलीमा याकूब से भी मुलाकात की. सिंगापुर के प्रेशिडेंशियल पैलेस इस्ताना (राष्ट्रपति का सरकार आवास) पहुंचने पर मोदी का रस्मी स्वागत किया गया.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया है, ‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सिंगापुर के इस्ताना प्रेसिडेंशियल पैलेस में रस्मी स्वागत किया गया. सदी पुराने इस संबंध को नवोन्मेष और तकनीकी के क्षेत्र में साझेदारी से नयी ऊर्जा मिल रही है.’ पैलेस में मोदी को सलामी गारद दी गयी

सिंगापुर के नेताओं के साथ बातचीत के दौरान मोदी ने संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की. मोदी अपने तीन राष्ट्रों की यात्रा के तीसरे और अंतिम चरण में सिंगापुर पहुंचे हैं. इससे पहले वह इंडोनेशिया और मलेशिया गये थे.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही गई अहम बातें

  • भारत और सिंगापुर के बीच Air traffic तेजी से बढ़ रहा है. दोनों पक्ष शीघ्र ही द्विपक्षीय air services agreement  की समीक्षा शुरू करेंगे.
  • 31 मई की शाम सिंगापुर की महत्वपूर्ण कंपनियों के CEOs के साथ round table पर मुझे भारत के प्रति उनके विश्वास को देखकर बहुत प्रसन्नता हुई.
  • RuPay, BHIM और UPI-आधारित remittance app का सिंगापुर में 31 मई की शाम अंतर्राष्ट्रीय launch Digital India तथा हमारी भागीदारी की नवीनता की भावना को दर्शाता है.
  • आने वाले समय में Cyber security और अतिवाद तथा आतंकवाद से निपटना हमारे सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्र होंगे
  • बार-बार होने वाले अभ्यासों तथा नौसैनिक सहयोग को ध्यान में रखते हुए नौसेनाओं के बीच logistics agreement संपन्न होने का भी मैं स्वागत करता हूं.
  • हम दोनों ने maritime security पर अपने सैद्धांतिक विचारों की पुनः पुष्टि की है और Rules Based Order के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है.
  • हमने खुले, स्थिर और उचित अंतर्राष्ट्रीय trade regime को बनाए रखने की जरूरत पर भी सहमति व्यक्त की है.

31 मई को भारत व सिंगापुर के बीच के संबंधों को हार्दिक व निकटतम संबंध बताते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि दोनों पक्ष हमारे युग के संबंध बना रहे हैं. एक व्यापारिक व सामुदायिक कार्यक्रम के दौरान मोदी ने भारत व सिंगापुर के बीच के संबंध को ‘हमारी विरासत’ बताया. दक्षिणपूर्व एशियाई शहर से हमेशा प्रेरणा मिलने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि इसने दिखाया है कि उपलब्धियों को हासिल करने में आकार कोई बाधा नहीं हो सकता. उन्होंने कहा, “सिंगापुर की सफलता इसकी बहु सांस्कृतिक समाज के सौहार्द में है, इसके विविधता के जश्न में विशिष्ट व अनूठी सिंगापुर की पहचान है.”

मोदी ने कहा कि भारत और सिंगापुर के बीच बिना किसी संघर्ष और दावों के हार्दिक और निकटतम संबंध है. भारतीय मूल के यहां 800,000 लोगों की भूमिका की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा, यहां सिंगापुर में आप भारत की विविधता का प्रतिनिधित्व करते हैं. उन्होंने कहा, “इस असाधारण विरासत की नींव पर हमारे मानव संपर्क की संपत्ति व हमारे साझा मूल्य की ताकत पर भारत व सिंगापुर हमारे युग का संबंध बना रहे हैं.” उन्होंने कहा, “यह संबंध है जो सामरिक साझेदारी के परीक्षण को वास्तविक रूप से पूरा करता है.” भारत व सिंगापुर ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को 2015 में सामरिक साझेदारी तक बढ़ाया.

भारत और सिंगापुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान बीते 31 मई को 14 उद्योग से उद्योग (बी 2 बी) और उद्योग से सरकार (बी 2 जी) करारों की घोषणा की. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में भारत और सिंगापुर के बीच 14 बी 2 बी और बी 2 जी दस्तावेजों की घोषणा की गई.’’

ये करार भारत की नवोन्मेषी और उद्यमशीलता के पारिस्थितिकी तंत्र को समर्थन और विदेश में भारत के नवोन्मेषण को प्रोत्साहन देने से संबंधित हैं. इसके तहत दूषित जल प्रबंधन और रिसाइक्लिंग के लिए भारतीय कौशल संस्थानों की स्थापना की जाएगी, सिंगापुर और आसियान में मेक इन इंडिया को प्रोत्साहन दिया जाएगा. साथ ही इनके तहत अंतरिक्ष क्षेत्र में वाणिज्यिक सहयोग तथा सिंगापुर के अंतरिक्ष उद्योग के विकास पर ध्यान दिया जाएगा. मोदी तीन देशों की अपनी यात्रा के अंतिम चरण में अभी सिंगापुर में हैं.