Saturday, June 23, 2018
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मोदी ने बड़ोदरा से बनारस को जोड़ा सीधी ट्रेन से

 गुजरात विधानसभा चुनाव की आहटों के बीच भाजपा की तैयारियां चरम को छूने लगी हैं। गुजरात में काम करने के लिए पूरब से आने वालों को सहूलियत देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ख़ास ट्रेन से बनारस को बड़ोदरा से जोड़ दिया।

समूचा गुजरात जहां नवरात्र में डांडियां पर थिरकते हुए विकास की गाथा गाते नहीं थक रहा हैं, वहीं भाजपा उन प्रवासी पूरबियों को ख़ुद से जोड़ने का कोई मौक़ा चूकने नहीं दे रही है। थकी हारी ट्रेनों में कई कई दिनों की लंबी यात्रा कर रोज़ी रोटी की आस में गुजरात के शहरों में आने वालों को लुभाने के लिए रेलवे ने उनकी मुंह मांगी मुराद पूरी कर दी है। महामना एक्सप्रेस उन श्रमिकों के लिए है जो बिना रिजर्वेशन के ट्रेन में यात्रा करने को मजबूर रहते हैं।

राजनीतिक तौर पर बेहद संवेदनशील पूरबिया मतदाताओं की संख्या गुजरात के औद्योगिक शहरों में अच्छी खासी है। रेलमंत्री पीयूष गोयल ने महामना एक्सप्रेस को रवाना करने से पहले आयोजित समारोह में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिल अभी भी बड़ौदा में बसता है। लोकसभा चुनाव में मोदी ने बड़ौदा और बनारस दोनों सीटों से चुनाव लड़ा था। बड़ौदा के लोगों ने रिकार्ड मतों से उन्हें जिताया, लेकिन मोदी जी ने यहां के लोगों से माफ़ी मांगकर बनारस का सांसद रहना स्वीकार किया था। गोयल ने कहा कि बड़ौदा व बनारस के बीच सामंजस्य बनाने की दिशा में यह ट्रेन अहम भूमिका निभाएगी। विधानसभा चुनाव में इसके फ़ायदे दिखेगा।

महाराष्ट्र की बडोदरा में रहने वाली बड़ी आबादी को प्रभावित करने के लिए रेल मंत्री पीयूष गोयल को बड़ोदरा और पूरबिया श्रमिकों के गढ़ सूरत में रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा को लगाया गया है। बड़ौदा के प्लेटफार्म नंबर एक पर यात्रियों की भारी संख्या मौजूद थी। जहां फूल मालाओं से लक दक ट्रेन के साथ सेल्फीलेने की होड़ लगी हुई थी।

गुजरात के इन दोनों शहरों में अच्छे खासे जलसा का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री दोनों रेलवे स्टेशनों पर सीधे बनारस से वीडियो कांफ्रेसिंग से जुड़े रहे। उन्होंने गुजरात के विकास में प्रवासी श्रमिकों की भूमिका का जमकर बखान किया। बड़ौदा में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने अपना भाषण फ़र्राटेदार गुजराती में देते हुए महामना और मोदी की कर्मस्थली बनारस और गायकवाड की धरती को जोड़ने को एक सामाजिक संगम बताया।

प्रवासी श्रमिक एकमुश्त मतदान के लिए जाने जाते हैं। पिछले छह महीने के भीतर रेलवे ने गुजरात और महाराष्ट्र के शहरों को पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ने वाली कई ट्रेनें शुरू की है। महामना एक्सप्रेस ट्रेन उसी क्रम में साधारण होते हुए भी कुछ मामलों में प्रीमियम वर्ग की है। जनरल बोगी के बावजूद यह ट्रेन पूरी तरह वातानुकूलित होगी।