Tuesday, August 21, 2018
Breaking News
Home / EDUCATION & JOB / उत्तराखंड में सीसैट में छात्रों को मिली राहत, अब सिर्फ करना होगा क्वालीफार्इ

उत्तराखंड में सीसैट में छात्रों को मिली राहत, अब सिर्फ करना होगा क्वालीफार्इ

राज्य सरकार ने हिंदी भाषी छात्रों को बड़ी राहत देते हुए पीसीएस परीक्षा में सीसैट को क्वालीफाइंग कर दिया है। अब इस परीक्षा में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक हासिल करना ही जरूरी होगा। प्रतियोगी छात्र लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे।

बता दें कि साल 2011 में यूपीएससी ने सीसैट लागू किया था। इसे शामिल करने से 400 अंकों का जनरल स्टडीज और 200 अंकों का सीसैट होता है। हिंदी माध्यम के छात्र अंग्रेजी कांप्रिहेंशन के सवालों में फंस जाते थे, क्योंकि इन सवालों का हिंदी अनुवाद काफी जटिल रहता था। इसे समझने में काफी समय गुजर जाने के कारण हिंदी मीडियम के छात्र पिछड़ जाते थे। सी-सैट लागू होने के बाद भी दो ही पेपर होते थे, लेकिन पहला भाग ऑप्शनल नहीं रहा था।

इसमें ताजा घटनाक्रम, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, विज्ञान के अलावा कई अन्य विषयों को भी शामिल कर दिया गया था। इसे लेकर पूरे देश में युवाओं ने आंदोलन भी किया था। उनका कहना था कि इससे हिंदी माध्यम वाले छात्रों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। यूपीएससी के इसे क्वालीफाइंग करने के बाद राज्य में भी इसे क्वालीफाइंग करने की मांग की जा रही थी।

देश के ज्यादातर राज्य सीसैट को क्वालीफाइंग कर चुके हैं। अब उत्तराखंड में भी सीसैट क्वालीफाइंग कर दिया गया है। अपर सचिव एसएस वल्दिया ने लोक सेवा आयोग को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि सम्मिलित राज्य सिविल व प्रवर अधीनस्थ सेवा प्रारंभिक परीक्षा के द्वितीय प्रश्नपत्र (सामान्य बुद्धिमत्ता परीक्षा) को अर्हकारी किए जाने के आयोग के प्रस्ताव को राज्यपाल ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसमें छात्रों को 33 प्रतिशत न्यूनतम अंक हासिल करने होंगे। प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम उक्त सहमति के अधीन प्रथम प्रश्न पत्र में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट के अनुसार किया जाएगा।