Wednesday, October 17, 2018
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आरटीओ कार्यालय में सोता मिला कर्मचारी, कारण बताओ नोटिस जारी

आरटीओ देहरादून के कर्मचारी यों तो अक्सर आए दिन अपने कारनामों को लेकर चर्चा में रहते हैं। लेेकिन मंगलवार को आरटीओ में कर्मचारियों के काम करने का तरीका आमजन ने भी देखा। दरअसल, मंगलवार को एक व्यक्ति अपना लाइसेंस लेने आरटीओ गया था, लेकिन जब लाइसेंस लेने के लिए वह खिड़की पर पहुंचा तो वहां मौजूद कर्मचारी सोता हुआ मिला।

इस बीच, वहां पहुंचे एआरटीओ से उक्त व्यक्ति ने तत्काल शिकायत की, तो भी कर्मचारी अपनी कुर्सी पर आराम से सोता हुआ मिला। जब हो-हल्ला हुआ, तो कर्मचारी की नींद टूटी। एआरटीओ ने फटकार लगाते हुए उसे ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी कर दिया। यह वाकया दिनभर आरटीओ कार्यालय में चर्चा का विषय बना रहा। संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय देहरादून की कार्यप्रणाली हमेशा से सवालों में रही है।

लाइसेंस आदि की प्रक्रिया ऑनलाइन होने के बावजूद यहां दलालों के माध्यम से लाइसेंस से लेकर दूसरे काम किए जाने का खेल खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। जैसे ही कोई व्यक्ति आरटीओ पहुंचता है, तो बाहर मौजूद दलाल लोगों को पकड़ लेते हैं। तत्काल लाइसेंस बनवाने का लालच देकर मोटी रकम भी वसूलते हैं। पिछले दिनों मंत्री तक यहां दलाली का गोरखधंधा पकड़ चुके हैं। बावजूद इसके यहां के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में कोई बदलाव नहीं आता दिखता है।

अक्सर ही विभागीय कर्मचारियों पर दलालों से मिलीभगत के आरोप लगते रहते हैं। कुछ दिन सब कुछ ठीक रहने के बाद दोबारा यहां दलाली का धंधा शुरू हो जाता है। वहीं, विभाग में भी कर्मचारियों के काम करने का तरीका लोगों के लिए अक्सर ही परेशानी का सबब बनता है। इसी तरह का एक मामला मंगलवार को फिर आरटीओ कार्यालय में सामने आया। सुभाष रोड पर नयाल सॉल्यूशन्स चलाने वाले मनीष नयाल ने बताया कि मंगलवार को वह अपना डिजिटल लाइसेंस लेने के लिए आरटीओ गए थे।

जब वह लाइसेंस वाली खिड़की पर पहुंचे, तो वहां मौजूद कर्मचारी सो रहा था। उनके अनुसार जब उन्होंने कर्मचारी से लाइसेंस देने को कहा, तो वह गुस्साकर उल्टा  कहने लगा कि यह उसके सोने का समय है। यह कहकर वह फिर सोने लगा। इस पर नयाल आरटीओ के कक्ष में गए, लेकिन वह मौके पर नहीं थे। इस बीच, वहां पहुंचे एआरटीओ अरविंद पांडे को उन्होंने माजरा बताया।

इस पर एआरटीओ लाइसेंस खिड़की पर पहुंचे तो कर्मचारी तब भी आराम से सोता हुआ मिला। इस पर एआरटीओ ने उसे जमकर लताड़ लगाई, तो उसकी नींद टूटी। अधिकारी के सवालों का उससे जवाब देते नहीं बना। एआरटीओ अरविंद पांडे ने बताया कि मामले में दोषी अनुसेवक गोपाल कश्यप को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इस तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।