Wednesday, October 24, 2018
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ईवीएम में गड़बड़ी को लेकर दायर याचिकाओं को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने किया स्वीकार

इंडियन न्यूज़ नेटवर्क : उत्तराखंड हाईकोर्ट ने प्रदेश की 6 विधान सभाओं में ईवीएम में गड़बड़ी को लेकर दायर याचिकाओं को स्वीकार कर लिया है। इन सभी में उपयोग में लाए गई ईवीएम को न्यायिक अभिरक्षा में रखे जाने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति सर्वेश कुमार गुप्ता की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई की। एकलपीठ ने  चुनाव आयोग सहित सरकार व संबंधित पक्षों को जवाब के लिए 6 सप्ताह का समय दिया है।

इन विधान सभाओं को लेकर हुए है याचिका
मसूरी, प्रताप नगर, राजपुर, रायपुर, वीएचएईएल रानीपुर व हरिद्वार ग्राणीण विधान सभा शामिल हैं। विकास नगर सीट के लिए अदालत पहले ही इस प्रकार के आदेश जारी कर चुकी है।

सोमवार को मसूरी विधान सभा से कांग्रेस उम्मीदवार रही गोदावरी थापली ने विजयी गणेश जोशी के खिलाफ, प्रताप नगर में विक्रम नेगी ने विजय सिंह पंवार के खिलाफ, राजपुर से राजकुमार ने विजयी खजानदास, रायपुर से प्रभुलाल ने उमेश शर्मा काउ के खिलाफ याचिका दायर की है। बीएचईएल रानीपुर से अंबरीश कुमार ने विजयी आदेश चौहान के खिलाफ याचिका दायर की है जबकि हरिद्वार ग्रामीण से जीते यतीश्वर आनंद के खिलाफ चरण सिंह ने याचिका दायर की है। यहां पूर्व सीएम हरीश रावत पराजित हुए थे। यहां बता दें कि विकास नगर विधान सभा सीट से विजयी मुन्ना सिंह चौहान के खिलाफ पराजित हुए नव प्रभात पहले याचिका दायर कर चुके हैं।

याचिकाओं में जहां विजयी उम्मीदवार को पार्टी बनाया गया है वहीं ईवीएम मशीन की टेंपरिंग, हेकिंग व मेन्युप्लेटिंग की भी आशंका व्यक्त की गई है। याचिका में कहा गया कि उनके सामने जांच के लिए रखी गई मशीन चुनाव के उपयोग के समय बदल दी गई थीं।

कोर्ट  ने सभी विजयी उम्मीदवारों के साथ ही केंद्र व राज्य चुनाव आयोग तथा रिटर्निंग आफिसरों को जवाब मांगा है। इसके लिए 6 सप्ताह का समय नियत किया है। इससे पहले 48 घंटे के भीतर सभी ईवीएम को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष सील करने के आदेश भी दिए हैं। मामले की सुनवाई 6 सप्ताह बाद होगी।